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Thursday, July 1, 2021

डीए में देरी से खफा कर्मियों ने खोला मोर्चा

डीए में देरी से खफा कर्मियों ने खोला मोर्चा

महंगाई भत्ते को बहाल करे सरकार, कर्मचारियों ने जवाहर भवन में प्रदर्शन कर उठाई मांग

पुरानी पेंशन और महंगाई भत्ता (डीए-डीआर) के लिए कर्मचारियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों ने ट्रिवटर पर अभियान चला रखा है। सोशल मीडिया के साथ अलग-अलग मंच पर डीए की मांग भी उठाई जाएगी। इसके लिए ज्ञापन भी सौंपा गया है।


कोविड संक्रमण के बीच आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने डीए-डीआर फ्रीज कर दिया है। इसकी वजह से कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को डीए तथा डीआर में तीन बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिला। 


सरकार की ओर से पूर्व में संकेत दिया गया था कि डीए फ्रीज करने का आदेश जनवरी 2021 तक के लिए है। यानी, जुलाई 2021 से बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। इसमें डीए की फ्रीज तीन किस्तों को भी जोड़ा जाएगा। हालांकि एरियर नहीं दिया जाएगा। इस पर 26 जून को बैठक में निर्णय की उम्मीद थी लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। 


इस संबंध में दो दिन पहले वायरल फर्जी आदेश पर स्पष्टीकरण देते हुए भी वित्त मंत्रालय के अफसरों ने अभी तक डीए पर कोई फैसला नहीं होने की बात कही थी। इससे कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई है। कर्मचारी नेता सुभाष चंद्र पांडेय, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष अश्वनी कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि डीएम के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा गया है। जल्द ही डीए दिए जाने की घोषणा नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



लखनऊ। जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे तथा महामंत्री सुशील कुमार बच्चा की अगुवाई में कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते को बहाल करने की मांग को लेकर बुधवार को कर्मचारियों ने जवाहर भवन परिसर में प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते डीए की किस्त जनवरी 2020 से रुकी हुई है। अब डेढ़ वर्ष होने को है, अभी तक डीए की किस्त बहाल नहीं किया गया। इसकी वजह से मध्य वर्ग के कर्मचारियों, पेंशनरों और निगम कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। ऐसी परिस्थितियों में महासंघ सरकार से मांग करता है कि महंगाई भत्ते की किस्त तत्काल बहाल की जाए। उन्होंने मांग पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से आकिल सईद बब्लू, अमित शुक्ला, उमग निगम, सुजीत आर्या, फरहीम मसूद, सुनील कुमार, संजीव श्रीवास्तव, देवेंद्र मौर्या, मनीष बाजपाई सहित दर्जनों कर्मचारी शामिल थे। ब्यूरो

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