Searching...
Monday, November 23, 2020

शादी व अन्य समारोह हेतु अधिकतम व्यक्तियों की संख्या सम्बन्धी नवीन दिशानिर्देश जारी, देखें

शादी व अन्य समारोह हेतु अधिकतम व्यक्तियों की संख्या सम्बन्धी नवीन दिशानिर्देश जारी, देखें।

यूपी में शादी समारोह के लिए नई गाइडलाइंस जारी, बैंड और डीजे पर रोक नहीं


योगी सरकार ने शादी समारोह के लिए सोमवार को नई गाइडलाइंस जारी की है। अब प्रदेश में शादी-विवाह व धर्म-कर्म समेत सभी सामूहिक समारोहों में अधिकतम 100 लोग ही शामिल हो सकेंगे। कोरोना के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। बारात निकालने, बैंड और डीजे आदि पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया। यह बंदिश दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर (नोएडा), गाजियाबाद और आगरा में पहले से ही थी और अब यह पूरे प्रदेश में लागू हो गई है।  


मुख्य सचिव की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कन्टेनमेंट जोन के बाहर सभी सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रमों समेत अन्य सामूहिक गतिविधियों को इस शर्त पर अनमुति दी जाएगी कि किसी भी बंद स्थान जैसे हॉल या कमरे की निर्धारित क्षमता के 50 प्रतिशत किन्तु एक समय में अधिकतम 100 व्यक्ति ही मौजूद रह सकेंगे। इन कार्यक्रमों में फेस मॉस्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर एवं हैंडवॉश की व्यवस्था अनिवार्य होगी। इसके साथ-साथ खुले स्थान जैसे मैदान आदि पर कुल क्षेत्रफल के 40 प्रतिशत से कम क्षमता तक ही लोगों के एकत्र होने की अनुमति होगी। 


इससे पहले कंटेनमेंट जोन के बाहर किसी भी बंद स्थान जैसे हॉल या कमरे की निर्धारित क्षमता के 50 प्रतिशत किन्तु एक समय में अधिकतम 200 व्यक्तियों के कार्यक्रम में शामिल होने की अनमुति थी। केंद्र सरकार की 30 सितंबर 2020 की गाइड लाइन के क्रम में मुख्य सचिव की तरफ से इस संबंध में पहली अक्टूबर 2020 को शासनादेश जारी किया गया था। कोरोना (कोविड-19) के मरीजों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए अब इसी आदेश में संशोधन किया गया है। 


तीन जिलों में पहले ही प्रतिबंध
 प्रदेश के कई जिलाधिकारियों ने इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजकर शादी-विवाह में होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने की जरूरत बताई थी। शासन की पूर्वानुमति लेकर गौतमबुद्धनगर (नोएडा) के डीएम सुहास एल वाई, गाजियाबाद के डीएम अजय शंकर पांडेय और आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह ने अपने-अपने जिलों में यह रोक लगा दी थी। तीनों जिलों में अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि किसी भी सामूहिक आयोजन में तय संख्या से अधिक लोग शामिल न हों। इसकी जानकारी सभी आयोजन स्थलों के संचालकों को भी दी जा रही है। पुलिस व अन्य अधिकारी जांच भी करेंगे और तय संख्या से अधिक लोग होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 


सहालग शुरू होने से खतरा बढ़ा
25 नवंबर से शादियों का मुहूर्त शुरू हो रहा है, जबकि सगाई आदि के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। जिलाधिकारियों की रिपोर्ट में कहा गया है कि भीड़ ज्यादा होने पर खतरा बढ़ने की आशंका है। शासन की समीक्षा में भी कोरोना के संक्रमण का तेजी से प्रसार होने की बात सामने आई। अनलॉक होने के बाद विदेशों में भी आयोजनों में ज्यादा भीड़ होने पर संक्रमितों की संख्या बढ़ने की जानकारी मिली थी। आगरा में भी कुछ शादी समाराहों में संक्रमण के मामले सामने आए थे। 


मेहमानों का प्रबंधन मुश्किल
शासन के फैसले से मैरेज होम संचालकों, होटलों और खुद शादी-विवाह के समारोह से संबंधित परिवारों की चिंता बढ़ गई है। अनलॉक में प्रतिबंधों में मिली छूट के कारण लोगों ने समारोहों में ज्यादा मेहमानों को आमंत्रण भेज रखा है। इसी हिसाब से कैटरिंग आदि के प्रबंध भी किए गए हैं। अब लोगों के सामने मुश्किल यह है कि वे मेहमानों की संख्या कैसे सीमित करें। फिर कैटरिंग के बारे में दिए गए आर्डर को लेकर भी पेचीदा स्थितियां पैदा हो रही हैं। आगामी दिसंबर माह में होने वाले शादी-समारोहों को लेकर भी लोग आशंकित हैं।




 

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स