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Thursday, November 5, 2020

उ0प्र0 सरकार द्वारा कर्मचारियों को बोनस का उपहार, मा0 मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री जी ने अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों, राज्य वित्त पोषित शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों व जिला पंचायत के कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्ष 2019-20 के लिए नियमानुसार बोनस की सुविधा प्रदान करने का सहर्ष आदेश दिया है।

उ0प्र0 सरकार द्वारा कर्मचारियों को बोनस का उपहार, मा0 मुख्यमंत्री ने की घोषणा

पूरा बोनस नकद चाहते थे कर्मचारी लेकिन सरकार ने केवल 25 प्रतिशत ही नकद देने का किया फैसला


इन्हें मिलेगा बोनस

संख्या        : कर्मचारी/शिक्षक
आठ लाख  : अराजपत्रित राज्य कर्मचारी
पांच लाख   : शिक्षक
एक लाख   : शिक्षणेत्तर कर्मचारी
60 हजार   : वर्कचार्ज कर्मचारी
26 हजार   : डेली वेज कर्मचारी


यूपी के 15 लाख अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को राज्य सरकार ने दीपावली पर बोनस की सौगात दी है। सीएम योगी के निर्देश पर वित्त विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। बोनस की 75 प्रतिशत राशि कर्मचारी के जीपीएस खाते में जाएगी और 25 प्रतिशत नकद मिलेगी।


▪️लखनऊ । उत्तर प्रदेश के 15 लाख अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को राज्य सरकार ने दीपावली पर बोनस की सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वित्त विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। बोनस की 75 प्रतिशत राशि कर्मचारी के जीपीएस खाते में जाएगी और 25 प्रतिशत नकद मिलेगी। बोनस के भुगतान पर सरकारी खजाने पर 1022 करोड़ों रुपये का व्ययभार आएगा।


1727 रुपये ही नकद
बोनस का 75 फीसदी भुगतान जीपीएफ, पीपीएफ या एनएससी के रूप में मिलेगा। 25 प्रतिशत का नकद भुगतान किया जाएगा। इस तरह कर्मचारियों को बोनस के 6908 रुपये में से 1727 रुपये ही नकद मिल पाएंगे। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के तदर्थ बोनस की अधिकतम सीमा 1200 रुपये होगी। यानी 30 दिन के लिए 1184 रुपये मिलेगा। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है, उसे जीपीएफ में जमा की जाने वाली 75 प्रतिशत राशि का एनएससी दिया जाएगा या उसके पीपीएफ एकाउंट में जमा किया जाएगा।

 
पूरा बोनस नकद चाहते थे कर्मचारी 
कोविड-19 की वजह से कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता स्थगित है। कर्मचारी दीवाली त्योहार के पहले बोनस का पूरा भुगतान नकद चाहते थे। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद राज्य के कर्मचारियों को इसकी पूरी उम्मीद भी थी।  मगर, राज्य सरकार ने महामारी के दौर में अपने आर्थिक संसाधनों व प्राथमिकताओं को देखते हुए सामान्य दिनों की तरह केवल 25 प्रतिशत ही नकद देने का फैसला किया।

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