Searching...
Tuesday, February 2, 2021

ऊंची सैलेरी वालों को झटका : साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा EPF / VPF जमा किया तो मिलने वाले ब्याज पर लगेगा टैक्स

ऊंची सैलेरी वालों को झटका : साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा EPF / VPF जमा किया तो मिलने वाले ब्याज पर लगेगा टैक्स


टैक्स बचाने का एक 'जुगाड़' खत्म हो गया है। इसका इस्तेमाल ऊंची सैलरी पाने वाले एंप्लॉयीज करते रहे हैं। असल में आम बजट 2021 में एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (EPF) और वॉलन्टरी प्रोविडेंट फंड (VPF) पर मिलने वाली ब्याज के लिए टैक्स छूट की सीमा तय करने का प्रावधान है। मतलब यह है कि एक साल में 2.5 लाख रुपये से ऊपर के प्रोविडेंट फंड कंट्रीब्यूशन पर मिलने वाली ब्याज पर अब नॉर्मल रेट्स से टैक्स लिया जाएगा। यह केवल एंप्लॉयीज के कंट्रीब्यूशन पर लागू होगा, एंप्लॉयर (कंपनी) के योगदान पर नहीं। 


हाई-इनकम सैलरी वाले एंप्लॉयीज पर पडे़गा असर
मौजूदा प्रावधानों के तहत एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड, वॉलन्टरी प्रोविडेंट फंड और इग्जेम्प्टेड प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट्स के इंटरेस्ट पर टैक्स से छूट मिली हुई है, भले ही पीएफ कंट्रीब्यूशन कितना ही ज्यादा क्यों न हो। बजट के इस नए प्रावधान का सीधा असर हाई-इनकम सैलरी वाले लोगों पर पडे़गा, जो कि टैक्स-फ्री इंटरेस्ट के लिए वॉलन्टरी प्रोविडेंट फंड का इस्तेमाल करते हैं। ईपीएफ एक्ट के तहत एंप्लॉयीज और एंप्लॉयर कंट्रीब्यूशन (कंपनी का योगदान) सैलरी का 12 फीसदी तय किया गया है। हालांकि, कर्मचारी स्वैच्छिक रूप से इस अमाउंट से ज्यादा का कंट्रीब्यूशन वॉलन्टरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में कर सकते हैं। वीपीएफ में कंट्रीब्यूशन के लिए कोई ऊपरी लिमिट नहीं है।



बिना किसी लिमिट के पूरी ब्याज पर छूट का फायदा
बेंगलुरु के चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश हेगड़े का कहना है, 'कुछ कर्मचारी प्रोविडेंट फंड्स (रेकग्नाइज्ड प्रोविडेंट फंड और ईपीएफ जैसे सेंट्रल गवर्नमेंट फंड) में ऊंची रकम का योगदान देते हैं और बिना किसी लिमिट के पूरी ब्याज पर छूट का फायदा उठाते हैं। बजट प्रपोजल में फाइनेंस मिनिस्टर ने साल में केवल 2.5 लाख रुपये तक के पीएफ कंट्रीब्यूशन पर मिलने वाली ब्याज पर छूट पर प्रस्ताव किया है।' नई लिमिट 1 अप्रैल 2021 या इसके बाद किए गए कंट्रीब्यूशन पर लागू होगी। एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड के 1 फीसदी से कम कर्मचारियों पर इस कदम का असर पडे़गा। 

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स