Searching...
Sunday, June 9, 2024

सेवानिवृत्ति के दो साल पहले गृह जनपद में नियुक्ति बाध्यकारी– हाईकोर्ट

सेवानिवृत्ति के दो साल पहले गृह जनपद में नियुक्ति बाध्यकारी– हाईकोर्ट 

हाईकोर्ट ने दिया दो हफ्ते में याची का प्रत्यावेदन तय करने का आदेश


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्ति से दो साल पहले गृह जनपद में नियुक्ति पाना कर्मचारी का अधिकार है।  इस नियम का पालन करना अधिकारियो पर बाध्यकारी है। यह  टिप्पणी न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा  न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में तृतीय श्रेणी कर्मचारी जितेन्द्र सिंह की विशेष अपील  पर सुनवाई करते हुए दिया। 


मामला  मुरादाबाद का है। याची की नियुक्ति वर्ष 1995 में खाद्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में तृतीय श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुई थी। वह फरवरी 25 में रिटायर होने वाला है। तबादला नीति के तहत उसने अपने गृह जनपद में तबादले के लिए आवेदन किया था। कहा था कि 7 जून 2023 के शासनादेश के अनुसार सेवानिवृत्ति के दो वर्ष की अवधि में कर्मचारी अपने गृह जनपद में तबादला करा सकता है। 


याची के आवेदन को मुरादाबाद मंडल के खाद्य एवं आपूर्ति आयुक्त ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह 16 फरवरी 1995 से 17 सितंबर 12 तक मुरादाबाद मंडल गृह जनपद में तैनात रहा है। यह तबादला नीति निर्देशात्मक है बाध्यकारी नही। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 


हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याची की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में विशेष अपील दाखिल की थी। खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि तबादला नीति का शासनादेश जारी है तो कर्मचारी को उसका लाभ मिलने की उम्मीद होती है।



हाईकोर्ट ने कहा, तबादला नीति का शासनादेश है तो रहती है उम्मीद

रिटायरमेंट के दो वर्ष पूर्व गृह जनपद में नियुक्ति दें

सेवानिवृत्त हो रहे कर्मी का गृह जनपद स्थानांतरण का मामला

प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी के रिटायरमेंट के दो वर्ष पूर्व उसे गृह जनपद में नियुक्ति देने का नियम अधिकारियों पर बाध्यकारी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में एकल न्यायपीठ के उस मत को नहीं माना जिसमें उन्होंने कहा था कि तबादला नीति निर्देशात्मक है, अधिकारियों पर बाध्यकारी नहीं है।

कोर्ट ने कहा तबादला नीति का शासनादेश जारी है तो कर्मचारी को उसका लाभ मिलने की उम्मीद होती है। खंडपीठ ने एकलपीठ और कमिश्नर खाद्य एवं आपूर्ति के आदेशों को रद्द कर दिया है और कमिश्नर को दो सप्ताह में नए सिरे से याची के प्रत्यावेदन को तय करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में तृतीय श्रेणी कर्मचारी मुरादाबाद के निवासी जितेन्द्र सिंह की विशेष अपील पर दिया है।

याची खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में 1995 मे नियुक्त हुआ। वह फरवरी 25 में रिटायर होने वाला है। सात जून 23 की तबादला नीति के आधार पर उसने गृह जनपद में तबादले की मांग की। शासनादेश के अनुसार सेवानिवृत्ति के दो वर्ष की अवधि में कर्मचारी अपने गृह जनपद में तबादला करा सकता है।

कमिश्नर खाद्य एवं आपूर्ति मुरादाबाद मंडल ने याची की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी की वह 16 फरवरी 1995 से 17 सितंबर 12 तक मुरादाबाद मंडल गृह जनपद में तैनात रहा है। कमिश्नर के आदेश के खिलाफ याचिका एकलपीठ ने तबादला नीति बाध्यकारी न मानते हुए खारिज कर दी जिसे विशेष अपील में चुनौती दी गई थी।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स