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Friday, August 18, 2017

सुप्रीमकोर्ट के प्रोन्नति पर आरक्षण को अवैध घोषित किये जाने के आधार पर हाईकोर्ट ने भी की गई पदोन्नति को ठहराया अवैध, एससी/एसटी को पांच पद रिक्त होने पर ही आरक्षण होगा देय

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनता इंटर कॉलेज अमरोहा के अर्थशास्त्र प्रवक्ता पद पर प्रोन्नति में आरक्षण देने के को रद कर दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश पावर कापरेरेशन केस में दिए गए फैसले के तहत प्रोन्नति में आरक्षण अवैध घोषित कर चुका है। साथ ही हाईकोर्ट की पूर्णपीठ ने हीरालाल केस के फैसले में स्पष्ट किया है कि एससी/एसटी को पांच पद रिक्त होने पर आरक्षण दिया जा सकता है। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंडलीय समिति को चार हफ्ते में नियमानुसार प्रोन्नति पर योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देते हुए विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।


■ जनता इंटर कालेज अमरोहा के अर्थशास्त्र प्रवक्ता की प्रोन्नति रद

■ माध्यमिक शिक्षा सेवा नियमावली के नियम 14 के तहत कार्यवाही


यह न्यायमूर्ति अरुण टंडन व न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने जनता इंटर कालेज अमरोहा के अर्थशास्त्र प्रवक्ता तेज सिंह की विशेष अपील व याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर याची के अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी का कहना था कि याची से दो वरिष्ठ अध्यापक प्रोन्नत होने तक सेवानिवृत्त हो चुके थे। ऐसे में याची को प्रोन्नति देने में कोई तकनीकी गलती नहीं है। याची को एससी कोटे में प्रोन्नति दे दी गई थी जिसे रद करने को अमरोहा कालेज के ही शिक्षक कुलदेव सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिस पर हाईकोर्ट ने प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। उसके खिलाफ याची तेज सिंह ने याचिका दाखिल की, लेकिन एकलपीठ ने इस प्रकरण पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया था, तब यह विशेष अपील दाखिल की गई थी। कोर्ट ने उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा नियमावली के नियम 14 के तहत नियमानुसार कार्यवाही करने का दिया है।