Searching...
Tuesday, June 28, 2016

जल्द घोषित हो सकती है सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें, सचिवों की कमेटी की रिपोर्ट स्वीकारने की संभावना, कम से कम 23.5 फीसद का इजाफा हो सकता है

नई दिल्ली  : सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा केंद्र सरकार जल्द ही करने वाली है। इससे करीब एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते और पेंशन में कम से कम 23.5 फीसद का इजाफा हो जाएगा।

वित्त मंत्रलय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा के नेतृत्व में सचिवों की एक कमेटी ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों की रिपोर्ट सौंप दी है। इसे स्वीकार कर लिए जाने की संभावना है। केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 23.55 फीसद की बढ़ोतरी से सरकार पर 1.02 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ने वाला है। यह जीडीपी का 0.7 फीसद हिस्सा होगा। इस वेतन बढ़ोतरी में सभी भत्ते भी शामिल हैं।

इस पैनल की रिपोर्ट के आधार पर वित्त मंत्रलय एक कैबिनेट नोट तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट पर चर्चा के लिए कैबिनेट की बुधवार (29 जून) को होने वाली बैठक में यह मुद्दा रखा जाएगा। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस बैठक में कर्मचारियों को दिए जानेवाले अंतिम भुगतान पर फैसला कर सकती है। इसमें मोदी सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे सकती है। वित्त सचिव अशोक लवासा ने सोमवार को बताया कि सचिवों की कमेटी ने रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है। वह जल्द ही रिपोर्ट पर आधारित कैबिनेट नोट तैयार कर लेंगे। उल्लेखनीय है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 58 लाख पेंशन भोगियों को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट एक जनवरी से प्रभावी होगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। यह भी बताया जा रहा है कि जुलाई में यह रिपोर्ट लागू कर दी जाएगी और जनवरी 2016 से कर्मचारियों को एरियर दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जहां वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18000 रुपये और अधिकतम 225000 रुपये (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए 250000 रुपये) की सिफारिश की थी वहीं, सचिवों की अधिकार प्राप्त इस समिति ने इसमें 18-30 प्रतिशत की वृद्धि की बात कही है। यानी 18000 रुपये के स्थान पर करीब 27000 रुपये और 225000 के स्थान पर 325000 रुपये करने की सिफारिश की है।

छठा वेतन आयोग 1 जनवरी, 2006 से लागू हुआ था और उम्मीद है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होंगी और कर्मचारियों को एरियर दिया जाएगा।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स