Searching...
Friday, April 1, 2016

खुशखबरी : खत्म होगी नियुक्ति से पहले पुलिस जांच, केंद्र सरकार ने नीति बदलने का किया फैसला


Click here to enlarge image
नई दिल्ली, प्रेट्र1सरकारी नौकरी चाहने वालों के लिए एक खुशखबरी। केंद्र ने सरकारी सेवाओं में नियुक्ति से पहले उम्मीदवारों के पूर्व के क्रियाकलापों और चरित्र की पुलिस जांच की नीति में बदलाव करने का फैसला किया है। प्रस्तावित नीति के तहत उम्मीदवारों की स्व-घोषणा के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। इससे घूसखोरी को कम करने में मदद मिलेगी। 

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने गुरुवार को इस संबंध में प्रस्तावित नीति की घोषणा की। डीओपीटी के मुताबिक, ऐसा प्रस्ताव किया गया है कि सामान्य नीति के अनुरूप पुलिस जांच तो की जाएगी लेकिन इसके लिए नियुक्ति पत्र को जारी करना रोका नहीं जाएगा। नियुक्ति करने वाले अधिकारी उम्मीदवार से स्व-घोषित पत्र पाने के बाद प्रोविजनल नियुक्ति पत्र जारी करेंगे। सरकार ने पुलिस जांच प्रक्रिया में खामियां मिलने के बाद इस दिशा में कदम उठाया है।

जांच में अक्सर दो से छह महीने का समय लग जाता है। इस कारण नियुक्ति आदेश जारी करने और पद को भरने में बेवजह देरी होती है। डीओपीटी ने कहा कि अनौपचारिक रूप से फीडबैक मिलते रहे हैं कि पुलिस जांच के लिए निचले स्तर के नौकरशाह घूस की मांग करते हैं। इसके चलते सरकारी सेवाओं में नए लोग व्यवस्था के प्रति रुखे व्यवहार के साथ प्रवेश करते हैं। डीओपीटी ने इस प्रस्तावित नीति पर संबंधित पक्षों से 15 दिनों के अंदर राय मांगी है।

बड़ी संख्या में ग्रुप ए, बी, सी और डी के केंद्रीय अधिकारियों की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग जैसी भर्ती एजेंसियों द्वारा संचालित चयन प्रक्रिया के जरिए होती है।ये एजेंसियां सफल उम्मीदवारों की सूची बनाती हैं। इसके बाद नियुक्ति अधिकारी नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले उम्मीदवार के पूर्व के क्रियाकलापों और चरित्र की पुलिस जांच कराते हैं। नई प्रक्रिया के तहत उम्मीदवार को अन्य ब्यौरे के साथ स्व-घोषणा पत्र में यह बताना होगा कि उसके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित नहीं है और किसी कोर्ट से उसे सजा नहीं मिली है। आपराधिक मामले लंबित होने की स्थिति में उसे पूरा विवरण देना होगा। इसके बाद नियुक्ति अधिकारी पुलिस जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने पर विचार करेगा। स्व-प्रमाणित सूचना गलत पाए जाने पर उम्मीदवार को नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। साथ ही भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खबर साभार ; दैनिक जागरण

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स