Searching...
Friday, March 4, 2016

नई पेंशन योजना की राह से बाधा दूर, अप्रैल से पूरी तरह लागू होगी नई पेंशन योजना, दो लाख कर्मचारी होंगे लाभान्वित, अंशदान के लिए पैसे का सरकार ने किया इंतजाम 

लखनऊ : खुशखबरी। प्रदेश सरकार ने सभी कर्मचारियों को नई पेंशन योजना से जोड़ने की राह में आ रही बाधा दूर कर दी है। अभी तक विभागीय धनाभाव के कारण दो लाख से अधिक कर्मचारियों को नई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब सरकार ने वित्तीय प्रावधान कर दिया है ताकि सूबे के सभी कर्मचारी लाभान्वित हो सकें। 

प्रदेश में एक अप्रैल 2005 के बाद नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलता है। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, पुलिस व पंचायतों सहित कई विभागों के दो लाख से अधिक कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें अब तक नई पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इनमें से अधिकांश ने पेंशन योजना के लिए फॉर्म भी भर दिये और उनका कार्ड भी बन गया किन्तु पेंशन के लिए जरूरी धनराशि कटना शुरू नहीं हुई। वित्त सचिव अजय अग्रवाल के मुताबिक इन कर्मचारियों के संबद्ध विभागों ने धनाभाव के कारण पेंशन के लिए अंशदान दे पाने में असमर्थता जताई थी।

अब शासन ने सभी कर्मचारियों को पेंशन दिलाना सुनिश्चित कराने के लिए इन विभागों का धनाभाव दूर करने का फैसला किया है। इन सभी विभागों के लिए पेंशन योजना अंशदान के लिए पैसे का इंतजाम कर दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह राशि आवंटित हो जाएगी और इसके बाद प्रदेश के सभी कर्मचारी नई पेंशन योजना से जुड़ सकेंगे। 



दस-दस फीसद अंशदान : नई पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों का प्राविडेंट फंड भी नहीं कटता है। केंद्र सरकार की पहल पर नए कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना आई है, जिसमें कर्मचारी व सरकार के बराबर अंशदान से पेंशन प्रावधान है। इसमें कर्मचारियों के मूल वेतन में ग्रेड पे व डीए जोड़कर आने वाली राशि का दस फीसद कर्मचारियों की ओर से उतनी ही राशि राज्य सरकार की ओर से जमा की जाती है। इससे एकत्र राशि उनके लिए धन बचत का साधन भी बनती है और एक तरह से प्राविडेंट फंड के विकल्प के रूप में सामने आती है।अब शासन ने सभी कर्मचारियों को पेंशन दिलाना सुनिश्चित कराने के लिए इन विभागों का धनाभाव दूर करने का फैसला किया है। इन सभी विभागों के लिए पेंशन योजना अंशदान के लिए पैसे का इंतजाम कर दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह राशि आवंटित हो जाएगी और इसके बाद प्रदेश के सभी कर्मचारी नई पेंशन योजना से जुड़ सकेंगे। 

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स