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Friday, July 28, 2017

उपार्जित अवकाशों के आगणन व लेखांकन की वर्षों से चली आ रही त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग, कोर्ट के आदेश के क्रम में विसंगति को दूर करने को मुख्य सचिव से मिले राज्यकर्मी


राज्य कर्मचारियों के उपार्जित अवकाशों के आगणन व लेखांकन की वर्षों से चली आ रही त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिये जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ का प्रतिनिधिमण्डल मुख्य सचिव से मिला।राज्य कर्मचारियों की प्रत्येक वर्ष की सेवा में प्रतिवर्ष 31 अवकाश अर्जित किये जाते हैं। जिनका लेखांकन कर्मचारियों के अवकाश खाते में किया जाता है।



वर्तमान में चल रही त्रुटिपूर्ण आगणन प्रक्रिया के कारण यह अवकाश खाते में जोड़े तो जाते हैं परन्तु सेवाकाल में जुड़ते-जुड़ते 300 दिन हो जाते हैं तो यह अवकाश लैप्स कर दिये जाते हैं। जबकि उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि अवकाश जितने भी अर्जित किये जायेंगे वो अवकाश खाते में जोड़े जायेंगे। शासकीय नियमानुसार सेवानिवृत्ति पर अवकाश नगदीकरण अधिकतर 300 दिन का ही देय होगा।




कर्मचारी नेताओं ने बताया कि उच्च न्यायालय ने भी कहा है कि कर्मचारियों की ओर से अर्जित अवकाश कर्मचारियों को न दिया जाना उनके अधिकारों का हनन है। महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय और महामंत्री सुशील कुमार बच्च ने मुख्य सचिव से इस विसंगति को दूर करने की मांग की।