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Thursday, August 1, 2019

नशे में गाड़ी चलाई तो 10 हजार और तेज चलाई तो 5 हजार का होगा जुर्माना, मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 राज्यसभा से पारित


नशे में गाड़ी चलाई तो 10 हजार और तेज चलाई तो 5 हजार का होगा जुर्माना, मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 राज्यसभा से पारित। 








रोड टैक्स की दरें तय करेंगी राज्य सरकारें
August 01, 2019    
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : संसद से पारित मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य सरकार के कर विभाग के अलावा और किसी को रोड टैक्स नहीं मिलेगा। टैक्स की दर भी राज्य सरकार तय करेगी।
आरटीओ अफसर डीलर के पास जाएगा, तब रजिस्ट्रेशन होगा। नंबर देने का अधिकार भी राज्य सरकार का होगा। उन्होंने कहा कि नेशनल परमिट के हमारे फॉमरूले से राज्यों की आमदनी सात गुना बढ़ी है। सारा पैसा ऑनलाइन राज्यों को ट्रांसफर हो जाता है। सभी राज्यों से कहा है कि फास्टैग हमसे मुफ्त में लेकर लागू करो। राज्यों का एक पैसा हम नहीं लेंगे।

जुर्माने की दरें समय के हिसाब से अब भी कम : गडकरी : जुर्माने की ऊंची दरों पर गडकरी ने कहा कि समय के हिसाब से ये दरें भी कम हैं। सड़क सुरक्षा की उपेक्षा के कांग्रेस के आरोप पर गडकरी ने कहा कि वास्तव में विधेयक में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

केंद्र सरकार हादसे रोकने में तमिलनाडु के मॉडल को पूरे देश में लागू करना चाहती है। खराब सड़कों के कारण दुर्घटना के लिए रोड इंजीनियर जिम्मेदार हैं। 14 हजार करोड़ खर्च करके हम ब्लैक स्पॉट ठीक कर रहे हैं। रोड कांट्रैक्टर पर पहली बार जुर्माना लगाया गया है।

वाहन मालिक भी जाएगा जेल: सरकार ने नए कानून में कई नई धाराएं भी जोड़ी हैं जो पहले मोटर वाहन अधिनियम में नहीं थीं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहन चालक के अलावा मालिक को भी जेल भेजने के प्रावधान किए गए हैं। इस प्रावधान का उपयोग नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर होगा।

वाहन निर्माता कंपनी पर भी 100 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान : संशोधित अधिनियम में वाहन निर्माता कंपनी और सड़क बनाने वाले ठेकेदार की जिम्मेदारी भी तय की गई है। वाहन निर्माता कंपनी पर गाड़ी के निर्माण में गड़बड़ी करने पर 100 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।यही नहीं, यदि हादसे की वजह खराब सड़क हुई तो सड़क निर्माण में कोताही बरतने वाले ठेकेदार पर भी एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा।

नए कानून में मोटर दुर्घटना कोष की स्थापना की व्यवस्था भी है जो सड़क का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य बीमा कवर देगा।

(यातायात नियम उल्लंघन- जुर्माने की वर्तमान राशि- जुर्माने की प्रस्तावित राशि)
* धारा 177 (सामान्य उल्लंघन)- 100 रुपये- 500 रुपये

* नई धारा 177ए (सड़क नियमों का उल्लंघन)- 500 रुपये

* धारा 178 (बिना टिकट यात्र करना)- 200 रुपये- 500 रुपये

* धारा 179 (अथॉरिटी के आदेशों की अवहेलना)- 500 रुपये->>2000 रुपये

* धारा 180 (बिना लाइसेंस वाहन का अनधिकृत उपयोग)- 1000 रुपये- 5000 रुपये

* धारा 181 (बिना लाइसेंस वाहन चलाना)- 500 रुपये- 5000 रुपये

* नई धारा 182 (निर्धारित सीमा से बड़े वाहन)- 5000 रुपये

* धारा 184 (खतरनाक तरीके से वाहन चलाना)- 1000 रुपये- 5000 रुपये तक

* धारा 185 (नशे में वाहन चलाना)- 2000 रुपये- 10,000 रुपये

* धारा 189 (तेज रफ्तार वाहन चलाना या अनधिकृत तरीके से रेस लगाना)- 500 रुपये- 5000 रुपये

* धारा 192 (बिना परमिट वाहन चलाना)- 5000 रुपये तक- 10,000 रुपये तक

* नई धारा 193 (लाइसेंस शर्तो का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का समूह)- 25 हजार से एक लाख तक

* धारा 194 (ओवरलोडिंग)- 2,000 रुपये और प्रति टन 1,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना)- 20 हजार रुपये और प्रति टन 2,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना

* नई धारा 194 ए (क्षमता से ज्यादा यात्री बैठाना)- 1,000 रुपये प्रति अतिरिक्त यात्री

* धारा 194बी (सीट बेल्ट नहीं लगाना)- 100 रुपये- 1000 रुपये

* धारा 194सी (दोपहिया वाहन पर ओवरलोडिंग)- 100 रुपये- 2,000 रुपये, साथ ही तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त

* नई धारा 194ई (आपातकालीन वाहन को रास्ता नहीं देना)- 10 हजार रुपये

* धारा 196 (बिना बीमा वाहन चलाना)- 1000 रुपये- 2000 रुपये

* नई धारा 199 (नाबालिग द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन)- अभिभावक अथवा वाहन स्वामी दोषी माना जाएगा, 25 हजार रुपये जुर्माना, साथ ही तीन साल की सजा

* धारा 182 (योग्यता के बिना वाहन चलाना- 500 रुपये->> 10 हजार रुपये

* बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना- 100 रुपये- 1000 रुपये, साथ ही तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त

* हिट एंड रन मामले में पीड़ित को मुआवजा- 25 हजार रुपये - दो लाख रुपये, वाहन निर्माता कंपनी पर भी जुर्माना।



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