Searching...
Sunday, September 23, 2018

सीएम की बैठकों में लापरवाही पड़ेगी भारी, सीएम योगी के सवालों से बचने के लिए बैठकों से लगातार गायब हो रहे अफसर

सीएम की बैठकों में लापरवाही पड़ेगी भारी,  सीएम के सवालों से बचने के लिए बैठकों से लगातार गायब हो रहे अफसर


लखनऊ : प्रदेश के हर मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संजीदगी अफसरों को नागवार गुजरने लगी है। यही वजह है कि अफसर किसी न किसी बहाने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठकों से गायब होने लगे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने 6 साल बाद राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक बुलाई थी।


मंत्री से लेकर बाकी अधिकारी मौजूद रहे मगर राहत आयुक्त संजय कुमार ही इस मीटिंग में नहीं पहुंचे। उन्हें ही मीटिंग का अजेंडा पेश करना था। बैठक में न आने का कारण जब मुख्यमंत्री ने पूछा, तो उन्हें बताया गया कि बैडमिंटन खेलते समय संजय को चोट लग गई है। इस बात से नाराज सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत उन्हें हटाने का निर्देश दे दिया। सीएम दफ्तर ने अब इस तरह के सभी लापरवाह अफसरों पर ऐक्शन की तैयारी शुरू कर दी है।


सौभाग्य की मीटिंग से गायब रहे थे डीएम जौनपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को हर जिले में बिजली विभाग की सौभाग्य योजना की समीक्षा के लिए मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री आरके सिंह भी दिल्ली से आए थे। कई जिलों के अधिकारी भी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे। बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने जौनपुर में योजना की प्रगति के बारे में बोलना शुरू किया तो पता चला कि वहां के डीएम अरविंद मलप्पा मीटिंग में ही नहीं आए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूछा कि डीएम कहां गए/ तो उन्हें बताया गया कि वे छुट्टी पर हैं। योगी ने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे से पूछा, मोहर्रम में इन्हें छुट्टी किसने दे दी। इस पर सब एक दूसरे का मुंह देखने लगे।


■ कई अफसर बहाना बनाकर नहीं आते मीटिंग में : कई अफसर मीटिंग में न आना पड़े। इसके लिए बहाना बनाने लगते हैं। कुछ तो अपने जूनियर अफसरों को मीटिंग में भेज देते हैं। ताकि मुख्यमंत्री के सवालों का सामना न करना पड़े। पिछले ही महीने कानून और व्यवस्था को लेकर सीएम ने एक मीटिंग बुलाई थी। डीजीपी से लेकर प्रमुख गृह सचिव इसमें बुलाए गए थे। जिलों के एसपी से लेकर इलाके के आईजी और एडीजी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे। महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सीएम योगी निर्देश दे रहे थे। इस दौरान एडीजी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी चाय की चुस्की लेते हुए बात करते रहे। पहले तो योगी कुछ नहीं बोले, बाद में उन्हें भी डांट पड़ी।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स