Searching...
Friday, December 8, 2017

जब दूसरे धर्म में शादी से पुरुष का धर्म नहीं बदलता तो फिर स्त्री का क्यों बदले? इस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने शुरू की सुनवाई

नई दिल्ली : विशेष विवाह अधिनियम के तहत दूसरे धर्म के पुरुष से शादी करने पर महिला का धर्म पति वाला स्वत: नहीं हो जाता। शादी के बाद महिला की व्यक्तिगत पहचान और उसका धर्म तब तक बना रहता है जब तक वह अपना धर्म पर्वितन न कर ले। यह टिप्पणी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हंिदूू पुरुष से शादी करने वाली पारसी महिला के धर्म परिवर्तन पर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई के दौरान की। इसके साथ ही कोर्ट ने बलसाड पारसी अंजुमन से पूछा है कि क्या वह याची को पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने की इजाजत दे सकते हैं। कोर्ट मामले पर 14 दिसंबर को फिर सुनवाई करेगा।

इस मामले में विशेष विवाह अधिनियम के तहत हंिदूू से शादी करने वाली पारसी महिला गुलरुख एम. गुप्ता ने अपने मूल धर्म पारसी की मान्यता के मुताबिक पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने का अधिकार मांगा है। उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि दूसरे धर्म के पुरुष से शादी करने के बाद महिला का धर्म पुरुष के धर्म में स्वत: परिवर्तित हो जाता है। हाई कोर्ट ने प्रथागत कानून को सही ठहराया था।


मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ के समक्ष याची की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इंद्रा जयसिंह ने हाई कोर्ट के आदेश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किल ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत हंिदूू पुरुष से शादी की थी। उसने अपना धर्म नहीं छोड़ा था। विशेष विवाह अधिनियम बगैर धर्म परिवर्तन के दूसरे धर्म में शादी की इजाजत देता है। ऐसे में उसका शादी के बाद स्वत: धर्म परिवर्तन कैसे हो जाएगा। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि पुरुष का धर्म दूसरे धर्म की स्त्री से शादी करने से नहीं बदलता तो फिर स्त्री का कैसे बदल सकता है?

शीर्ष कोर्ट ने यह भी कहा कि धर्म को बहुत ज्यादा सख्त नहीं होना चाहिए, इससे उसमें कम लोग जुड़ते हैं। सुब्रमण्यम ने निर्देश लेकर सूचित करने के लिए कोर्ट से कुछ समय मांगा। शीर्ष अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 14 दिसंबर तक के लिए टाल दी।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स