Searching...
Thursday, November 16, 2017

दो जजों से मामला संविधान पीठ को भेजने पर उठे सवाल, प्रोन्नति में एससी-एसटी आरक्षण मामले में नया मोड़

नई दिल्ली  :  सरकारी नौकरियों में एससी-एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण देने के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। दो जजों की पीठ से मामला सीधे संविधान पीठ को भेजे जाने पर कोर्ट में सवाल उठा। अब पांच जजों की पीठ पहले यह तय करेगी कि एससी एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण देने के लिए पिछड़ेपन और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व होने के आंकड़े जुटाने का आदेश देने वाले संविधान पीठ के एम. नागराज मामले में दिये गए फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है कि नहीं। 11 साल पुराने फैसले पर पुनर्विचार के लिए चार जनवरी को हो सकती है।


■ अब पहले तय होगाकि पिछले फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है या नहीं
■ एम नागराज मामले में पिछड़ेपन का आंकड़ा जुटाने का हुआ था आदेश


अभी पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की ओर से मामले को संविधान पीठ को भेजे जाने पर सवाल खड़ा हुआ था। तब जजों के नाम पर घूस लेने के मामले में याचिका दायर होने पर उठे थे प्रश्न। बुधवार को प्रोन्नति में आरक्षण को लेकर भी फिर से वही सवाल उठे। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने गत मंगलवार को जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस आर भानुमति के मामला संविधान पीठ को भेजे जाने के आदेश पर यह निर्णय लिया कि पहले पांच जजों की पीठ यह तय करेगी कि एम नागराज के फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है कि नहीं।

✌ डाउनलोड करें
हल्का, सबसे तेज अपडेटेड 
■  "शासनादेश ● कॉम" का अधिकृत एंड्राइड एप 

उससे पहले आरक्षण विरोधियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शांति भूषण और मुकुल रोहतगी ने कहा कि एम नागराज के फैसले पर पुनर्विचार की मांग 2016 में दो जजों की पीठ ठुकरा चुकी है। आरक्षण विरोधियों की ओर से बहस करने वाले राजीव धवन और परिमल कुमार ने कहा कि एम नागराज के फैसले के आधार पर छह फैसले आ चुके हैं। यूपी पावर कारपोरेशन के केस में उत्तर प्रदेश में तो कानून रद होने के बाद प्रोन्नत कर्मचारी वापस पुराने पद पर लौटाए जा चुके हैं। अब अगर दोबारा केस खुला तो उन सब मामलों में क्या होगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब दो जजों की पीठ सुरेश गौतम के केस में एम नागराज के फैसले पर पुनर्विचार की मांग ठुकरा चुकी है तो फिर अब दो जज के असहमत होने पर मामला सीधे संविधान पीठ को कैसे भेज सकते हैं।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स