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Friday, September 29, 2017

कर्मचारियों और शिक्षकों ने यूपी सरकार पर मांगों व समस्याओं पर टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए दीपावली के बाद काम ठप करने की दी चेतावनी

■ कर्मचारियों को दिवाली से पहले बोनस दिलाएं सीएम, कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने की मांग।


★ मांगों को लेकर प्रदेश सरकार पर लगाया टालमटोल का आरोप

★ मुख्यमंत्री से समाधान की मांग, दीपावली से पहले मांगा बोनस




लखनऊ : राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर मांगों व समस्याओं पर टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए दीपावली के बाद काम ठप करने की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के जरिये समाधान निकालने और दीपावली से पहले बोनस दिए जाने सहित कई मांगें रखते हुए कर्मचारियों व शिक्षकों ने जीपीएफ की ब्याज दर में कमी किए जाने और महंगाई भत्ते की किश्त सिर्फ एक फीसद किए जाने पर नाराजगी जताई है। 



कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चे की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि आधारहीन संगठनों से भेंट करके उनका आंदोलन स्थगित कराने से राज्य कर्मचारियों की नाराजगी दूर नहीं होगी। यदि वह प्रदेश के 22 लाख कर्मचारियों और शिक्षकों की नाराजगी दूर करना चाहते हैं तो मिल-बैठकर छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों और केंद्र के समान भत्तों के साथ ही स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, शिक्षणोत्तर कर्मचारी महासंघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, राज्य कर्मचारी महासंघ, फार्मासिस्ट महासंघ, नर्सेस संघ, एक्स रे टेक्नीशियन संघ, स्वायत्त कर्मचारी संवर्ग की समस्याओं का समाधान करें। 



मोर्चा अध्यक्ष वीपी मिश्र, संयोजक सतीश कुमार पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि कुमार मिश्र, अतुल मिश्र व मनोज मिश्र ने मुख्यमंत्री से दीपावली से पहले बोनस का भुगतान किए जाने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि स्थानीय निकायों और राज्य निगमों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ नहीं मिला, जबकि केजीएमयू व अन्य विशिष्ट संस्थानों के कर्मचारियों को यह वेतनमान अब तक नहीं मिला। इसी तरह न तो परिवहन निगम कर्मचारियों के साथ हुए समझौतों को लागू किया गया और न ही वर्ष 2001 के बाद के संविदा कर्मचारियों को विनियमित किए जाने पर कार्यवाही शुरू हुई।