Searching...
Monday, August 7, 2017

अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए कवायद तेज, 50 वर्ष से अधिक उम्र के दागी व अकर्मण्य अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी

राज्य मुख्यालय। पचास वर्ष से अधिक उम्र के दागी और अकर्मण्य अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के प्रदेश सरकार के फैसले से विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। सभी विभागों में व्यक्तिगत पत्रवलियों के परीक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासनिक सुधारों से संबंधित एक पुराने शासनादेश को आधार बनाकर मौजूदा प्रदेश सरकार छंटनी की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ प्रशासनिक कामकाज के मोर्चे पर सख्ती का संदेश दे रहे हैं। मौजूदा मुख्य सचिव राजीव कुमार के पद संभालने के बाद से उनके इस निर्देश पर अमल में तेजी आ गई। विभागों ने कई बार निलंबित, भ्रष्टाचार में आरोपित, विभागीय अनुशासनहीनता में दंडित या किसी बीमारी की वजह से काम कर पाने में अक्षम 50 वर्ष से अधिक उम्र के अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची बनानी शुरू कर दी। नियुक्ति-कार्मिक व न्याय विभाग के अफसरों के साथ बैठक में खुद मुख्य सचिव ने चिह्नित पीसीएस अफसरों के संबंध में बैठक की। व्यक्तिगत पत्रवलियों के परीक्षण के बाद उन्होंने यह कहते हुए सूची वापस कर दी कि इसमें तकनीकी बिन्दु न छूटे।