Searching...
Thursday, December 15, 2016

भत्ते घटने से राज्यकर्मियों का कम ही रहेगा वेतन, वेतन वृद्धि की केंद्र कर्मचारियों से तुलना करने पर राज्य कर्मचारियों में कुछ असंतोष

लखनऊ : सातवें वेतनमान की सिफारिशें लागू होने के बाद प्रदेश के राज्य कर्मचारी उस मैटिक्स से तो खुश हैं, जिसे देखकर वे एक नजर में अपने वेतन से लेकर प्रोन्नति तक की गणना कर सकते हैं, लेकिन इस गणना के नतीजे उन्हें परेशान भी कर रहे हैं। महीनों चलीं वेतन समिति की बैठकें अब कर्मचारियों को आडंबर से ज्यादा कुछ नहीं लग रहीं। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है, जिसके लिए इतना समय खर्च किया जाता। सरकार को यही रिपोर्ट लागू करनी थी तो इसे उसी दिन एक घंटे में भी लागू किया जा सकता था, जब यह केंद्र सरकार से भेजी गई थी।

केंद्र सरकार द्वारा तैयार मैटिक्स को राज्य कर्मचारी रेडी रेकनर के तौर पर देख रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उन्हें अपने ग्रेड लेवल के अनुसार यह जानने में आसानी होगी कि किस वर्ष में क्या लाभ प्राप्त होंगे। हालांकि वेतन वृद्धि की केंद्र कर्मचारियों से तुलना करने पर राज्य कर्मचारियों में कुछ असंतोष भी है।


राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव बताते हैं कि केंद्र व राज्य कर्मचारियों के एक समान रैंक व कैडर में वेतन का फर्क दो वजहों से आएगा। एक तो भत्ताें में फर्क होगा और दूसरी खास बात प्रदेश में पदों की घटतौली है। पहले भत्ताें की बात करें तो इस बार केंद्र ने अपने कर्मचारियों के लिए भी भत्ताें की संख्या घटा कर आधी कर दी है। पहले जहां केंद्र में करीब 300 तरह के भत्ते होते थे, वहीं अब यह सिर्फ 144 रह गए हैं। इसमें से बच्चों की शिक्षा के लिए केंद्र सरकार जहां दो बच्चों तक के लिए प्रतिमाह प्रत्येक बच्चे की शिक्षा के उद्देश्य से छह हजार रुपये देती है, वहीं

यहां प्रदेश में पिछले दिनों ऐसी मांग लेकर जाने वाले कर्मचारियों से कहा गया कि विकलांग बच्चे के लिए सरकार प्रतिमाह 150 रुपये तक दे सकती है। कर्मचारी नेता बताते हैं कि केंद्र सरकार जहां वेतन के मुकाबले औसतन 25 फीसद भत्ते देती है, वहीं प्रदेश में यह सिर्फ 10 प्रतिशत के आसपास रहता है। केंद्र व राज्य कर्मचारियों के वेतन में भत्ताें के अलावा एक बड़ा फर्क पदों में अंतर का भी है।

संयुक्त परिषद के महामंत्री यादव बताते हैं कि केंद्र में चाहें जिस विभाग का इंस्पेक्टर हो, उसे 4200 रुपये का ग्रेड वेतन मिलता है, जबकि अपने यहां इंस्पेक्टर के तीन ग्रेड बना दिए गए हैं और पहले ग्रेड का वेतन 2800 रुपये है। प्रदेश में 2800 से 4200 तक पहुंचने में इंस्पेक्टर को 10 साल लग जाते हैं, जबकि केंद्र में शुरुआत 4200 से है।


इसी तरह जो लैब टेक्नीशियन प्रदेश में 2800 रुपये के वेतनमान से नौकरी शुरू करता है, सीजीएचएस में उतनी ही योग्यता और उसी पद पर लैब टेक्नीशियनों को 4200 रुपये वेतनमान मिलता है। प्रदेश में समान कैडर के पदों में से कुछ को प्रोन्नति का पद बना दिया गया। यानी जहां से शुरुआत होनी चाहिए, वहां कई साल बाद प्रोन्नति निर्धारण होने पर ही पहुंचा जा सकता है।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स