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Wednesday, October 19, 2016

आधार से लिंक होगी पेंशन, ट्रेजरी दफ्तरों में लगेंगी थंब इंप्रेशन मशीनें, लखनऊ से हुई शुरुआत, थम्ब इंप्रेशन के जरिए वेरिफिकेशन की व्यवस्था का ट्रायल रन शुरू 


लखनऊ: पेंशन पाने के लिए बुजुर्गों को हर साल वेरिफिकेशन के लिए ट्रेजरी में नहीं जाना पड़ेगा। वित्त विभाग जल्द ही पेंशन को आधार से लिंक करेगा। इसके साथ ही सभी ट्रेजरी में थंब इंप्रेशन का सॉफ्टवेयर लगाया जाएगा। इसके बाद हर साल सिर्फ थंब इंप्रेशन दिखाकर वेरिफिकेशन करवाया जा सकेगा। इसकी शुरुआत जवाहर भवन स्थित ट्रेजरी दफ्तर से होगी। 


थंब इंप्रेशन का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होने के बाद पेंशनर्स की पहचान संबंधी जानकारी ट्रेजरी के पास मुहैया हो जाएगी। एक बार जानकारी सॉफ्टवेयर में अपडेट होने के बाद हर साल पेंशनर्स कहीं से भी पोर्टेबल बायोमेट्रिक मशीन से थंब इंप्रेशन भेज सकते हैं। यह थंब इंप्रेशन आधार से लिंक्ड होगा।
कहीं से भेजें थंब इंप्रेशन, पेंशन हो जाएगी वेरिफाई
ट्रायल रन के तौर पर कुछ पेंशनर्स के लिए यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे लखनऊ की ट्रेजरी में लगाया जाएगा।



 इसके बाद सभी 75 जिलों की ट्रेजरी में थंब इंप्रेशन का सॉफ्टवेयर लगाया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अगर कोई पेंशनर अमेरिका में भी है तो वहां से भी अपना थंब इंप्रेशन संबंधित ट्रेजरी में भेज सकता है। इसका मिलान ट्रेजरी के अधिकारी रिकॉर्ड में मौजूद थंब इंप्रेशन से कर लेंगे और पेंशनर वैरिफाई हो जाएगा। 



यह है मौजूदा व्यवस्था: मौजूदा समय में पेंशनर को हर साल नवंबर में वैरिफिकेशन के लिए ट्रेजरी दफ्तर जाना पड़ता है। ट्रेजरी दफ्तर में सत्यापन के बाद ही पेंशनर की अगले साल की पेंशन शुरू होती है। वित्त विभाग ने इसी साल से पेंशनर्स के लिए ई-पेंशन सिस्टम लागू किया था।



थम्ब इंप्रेशन के जरिए वेरिफिकेशन की व्यवस्था का ट्रायल रन शुरू हो गया है। सभी ट्रेजरी में इसे लगाया जाएगा। इससे पेंशनर्स की दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।  - अजय अग्रवाल, सचिव, वित्त विभाग